वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग, अद्वैत बोध शिविर
१४ सितम्बर, २०१६
मुक्तेश्वर
प्रसंग:
संत विरह के गीत क्यों गाते हैं?
क्या संत को भी विरह होती है?
संत हमेशा मृत्यु की बात क्यों करते है?
क्या संत को भी दुःख होता है?
संत इतना क्यों रोते है?
संगीत: मिलिंद दाते