Many minority-dominated campuses and areas are boiling over the citizenship amendment act 2019. But as I've said it earlier also that this Anti-CAA protest is based on lies, rumors and Islamic extremism. Slogans of Allahoo Akbar and Lailaha Ilalla is being raised during protests from Jamia to Jafrabad and Malda to Murshidabad. It's not just a coincidence.
सिटीजनशिप को लेकर आग अब पूर्वोत्तर के बाहर भड़कने लगी है। और इस आग में घी का काम कर रहा है झूठ, अफवाह और इस्लामिक कट्टरपंथ।
झूठ जो कांग्रेस, लेफ्ट, टीएमसी और आप जैसी पार्टियां लगातार अपने सियासी फायदे के लिए फैला रही हैं कि इस कानून से मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी, देश हिंदू राष्ट्र हो जाएगा वगैर वगैरह। अफवाह जो सोशल मीडिया के जरिए फैलायी जा रही है जैसे कि पुलिस कार्रवाई में जामिया के कई छात्र मारे गए हैं... फलां जगह ये हो गया चिलां जगह वो हो गया... एक बार फिर इसका मकसद विरोध की आग को हवा देना है। और तीसरी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, वो ये कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ चल रहे विरोध को इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हाईजैक कर लिया है और हमेशा की तरह लेफ्ट-लिबरल मीडिया और बुद्धिजीवी वर्ग इसे बढ़ावा देने में जुटे है।