लोकसभा चुनाव 2019 के बाद मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है. मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी सरकार को स्थिर बनाए रखने के लिए हर तरह का प्रयास कर रहे हैं. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि कमलनाथ सरकार अपने और सहयोगी दलों के विधायकों पर इंटेलिजेंस की नजर रख रही है.
विधायकों की हर गतिविधि को देखा जा रहा है. कौन विधायक किससे मिल रहा है और किससे नहीं इस बात की नजर रखी जा रही है. इस तरह से इंटेलिजेंस की निगरानी रखने का कारण यह है कि कमलनाथ को 'हॉर्स ट्रेडिंग' का डर सता रहा है. कमलनाथ को यह डर सता रहा है कि उनके विधायकों की खरीद फरोख्त की जा सकती है.