Lockdown में दर्द का सफर, कहीं आंखों में बहते आंसू तो कहीं...
2020-05-11 54 Dailymotion
Lockdown में पैदल लौट रहे प्रवासी मजदूरों की व्यथा जब पूछा कहां जाओगे तो आंखों से आंसुओं की झड़ी लग गई किसी ने कहा- कोई सुविधा नहीं, बस चले जा रहे घर पहुंचने की उम्मीद में किसी को फिक्र है अपने पांवों के छालों की