बाबरी विध्वंस के 25 बरस पूरे होने के मौक़े पर 'द वायर' की तरफ से आयोजित परिचर्चा में अपना अनुभव साझा कर रही हैं वरिष्ठ पत्रकार सीमा चिश्ती.