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लायलपुर का वो महान क्रांतिकारी, जिससे ज्यादा देश के लिए लॉयल दूसरा नहीं हुआ

2022-03-19 60 Dailymotion

भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर में हुआ था। उनका जन्मस्थान अब पाकिस्तान में है। भगत अपने चाचा अजीत सिंह, श्वान सिंह से प्रभावित होकर क्रांतिकारी बने। अजीत सिंह, श्वान सिंह क्रांतिकारी दल से जुड़े थे। भगत लाजपत राय, करतार सिंह सराभा आदर्श मानते थे। 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत को हिला दिया था। 1920 में भगत गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े। चौरी-चौरा कांड पर गांधीजी के रुख से भगत गदर पार्टी में आए। भगत सिंह 1925 में काकोरी में ट्रेन से खजाना लूटने में शामिल थे।
परिवार ने बिजनेस कराना चाहा, पर भगत नहीं रमे। घरवाले शादी कराना चाहते थे, पर भगत ने मना कर दिया। 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में लाला लाजपत राय जख्मी हो गए। इसी से लाला लाजपत राय का निधन हो गया। 1928 में भगत और उनके साथियों ने सांडर्स को गोली मारी।

1929 में भगत और बटुकेश्वर दत्त ने असेंबली में बम फेंका। बम खाली बेंचों पर मारे गए थे, पर्चे भी फेंके। लिखा था- बहरों को सुनाने के लिए कोलाहल करना पड़ता है। केस चला, 24 मार्च 1931 को फांसी मुकर्रर की गई थी। प्रदर्शनों के चलते तारीख 23 मार्च कर दी गई। कॉलेज में एक लड़की भगत को देखा करती थी। सुखदेव ने एक बार लड़की को लेकर भगत पर आरोप लगाया। भगत ने सुखदेव को चिट्ठी लिखकर प्यार पर विचार रखे।