ज्योति करीब दस साल पहले सड़कों पर कचरा बीनती थीं. लेकिन आज वह ना सिर्फ खुद की, बल्कि सड़क पर रहने वाले दूसरे बच्चों की जिंदगी भी संवार रही हैं. उनकी जिंदगी को 'बालकनामा' ने बदला. #OIDW