वैज्ञानिक, डॉक्टर व फौजी बनना चाहते हैं बच्चे
पचेवर. सरकार बाल श्रम की रोकथाम को लेकर बड़े- बड़े दावे करने के साथ शिक्षा पर प्रति वर्ष लाखों रुपए का बजट खर्च करती है, वहीं ईंट भट्टों की तपन में बच्चों का बचपन झुलस रहा है।
नौनिहालों का जीवन मिट्टी में गुम होता नजर आ रहा है