बाल-विवाह और अन्य कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए रंगमंच से जुड़े कलाकार दर्जनों प्रस्तुतियां देकर लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं। इसका असर यह हो रहा है कि अब उनके पास लोग ऐसी कुप्रथाओं और समस्याओं को लेकर आने लगे हैं।