रेलवे की ओर से रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई करने की धमकी से कांग्रेस डरने वाली नहीं है। रेल प्रशासन को जानकारी होनी चाहिए कि 1996 की आग अभी भी छग की जनता के जेहन में कायम है। रेल प्रशासन यह सोचता है कि धमकी देकर आंदोलन को दबा देंगे तो यह उनकी बहुत बड़ी भूल होगी।