छिंदवाड़ा। कुसमेली कृषि उपज मंडी में पहुंचने वाले किसानों को नीलामी से लेकर भुगतान तक के दौरान लगभग 24 घंटे का समय लग जाता है। वैसे तो मंंडी में कहने के लिए कैंटीन भी हैं। लेकिन, हकीकत में ज्यादातर समय भोजन नहीं मिलता। अब यहां भी चलित दीनदयाल रसोई की जरूरत है।