केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विभिन्न मुद्दों पर आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत की है। जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस बाबा साहब को क्यों हराना चाहते थे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि 1946 में अंतरिम सरकार में शामिल होने के बाद, 1947 में जब स्वतंत्र भारत की सरकार बनी, तो जवाहरलाल नेहरू ने बाबा साहब अंबेडकर को कैबिनेट में शामिल नहीं किया। कांग्रेस ने उन्हें कमतर आंकने और हराने के लिए हर संभव प्रयास किया, जिससे बाबा साहब दुखी हुए। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब की विरासत को मिटाने की कोशिश की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी विरासत और संविधान की रक्षा के लिए संविधान दिवस और संविधान यात्रा जैसे कदम उठाए।
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