सेना को पहली बार स्वदेशी बूट क्रेम्पेन, रॉक पीटन, आइसपीटन, शॉवल, कैराबाइनर उपकरण बनकर मिलेंगे, अभी तक इनको विदेश से किया जाता था आयात.