बिना चिकित्सक सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन बढ़ा, जिसके चलते मरीजों में रेजिस्टेंस और गंभीर किडनी व यूरिनरी संक्रमण देखे जा रहे हैं.