विरोध के मद्देनजर सरकार पुष्कर के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं व्यापारिक संस्थाओं और तीर्थ पुरोहित संघ को विश्वास में लेने की कोशिश कर रही है.