Surprise Me!

मुंबई हमला- पीड़ितों के जेहन में आज भी उस काली रात की यादें

2025-11-26 6 Dailymotion

26 नवंबर, 2008, मुबई हमला, 166 लोग मारे गए थे, 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. शहर पर आतंकी हमले के निशान भले हल्के पड़ गए हों. लेकिन जिंदा बचे लोगों के दिलों में उस क्रूर हमले की यादें आज भी ताजा है.उस आतंकी हमले में बची देविका रोटावन की उम्र उस वक्त महज नौ साल की थी....छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर घायल हुईं थी....उस हमले ने इनकी जिंदगी बदल दी. देविका बाद में इस हमले के केस में प्रमुख गवाह बनी.उन्होंने हमला करने वाले आतंकियों में से एक अजमल कसाब की पहचान की थी. 17 साल पहले की वो काली रात मोहम्मद तौफीक के जेहन में आज भी बनी हुई. रेलवे स्टेशन पर चाय बेच रहे थे. उन्होंने यात्रियों से छिपने को कहा और आतंकी की गोलियों से घायल हुए लोगों को पास के अस्पताल पहुंचाया. तो उस वक्त मुंबई पुलिस में असिस्टेंट इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हेमंत बावधंकर ने बताया कि कैसे पुलिस टीम ने आतंकवादियों से दो-दो हाथ किए.