झारखंड विधानसभा परिसर सरकार विरोधी नारों से गूंजता रहा. बाबूलाल मरांडी ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.