खजुराहो में बुंदेली और बघेली कला की प्रस्तुति देखकर मोहित हो गए विदेशी. बिरहा, देवी गीत, कलेवा गारी एवं फगुआ जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति.