दिल्ली-NCR की हवा अब सिर्फ़ प्रदूषित नहीं, जानलेवा बन चुकी है।
धुंध के पीछे छुपा है एक अदृश्य महामारी — PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण, जो बिना दिखे फेफड़ों, दिल और दिमाग को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
हर साल लाखों मौतें, बच्चों की घटती उम्र, बढ़ती सांस और हार्ट की बीमारियाँ — और हम सब इसे “मौसम की मार” कहकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।