याचिकाकर्ता का कहना है अगर प्रधानमंत्री या अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति दरगाह पर चादर चढ़ाते हैं, तो इससे उनका मुकदमा प्रभावित होता है.