शिमला का ऐतिहासिक रिज मैदान एक बार फिर हिमाचल की संस्कृति और परंपरा का गवाह बना. तीन दिनों तक चले MSME फेस्ट के अंतिम दिन यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. मेले में जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का पारंपरिक 'लोइया' मुख्य आकर्षण रहा. मोटे ऊनी कपड़े से हाथों से तैयार किया गया यह लोइया करीब पांच महीने की मेहनत का नतीजा होता है और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये है. कड़ाके की ठंड और बर्फबारी में यह लोइया पहाड़ों के लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षा है. सिरमौर में इसे पहनना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि सम्मान और पहचान का प्रतीक माना जाता है.