भरतपुर में 2000 वर्ष पुराने शैव परंपरा के प्रमाण मिले हैं. कुषाण से गुप्तकालीन शिव प्रतिमाएं नोंह, कामां, मलाह से मिलीं, जो सरंक्षित रखी हैं.