इज़राइल-ईरान संघर्ष पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की हुकूमत का फैसला वहां की जनता को करना चाहिए और बाहरी बमबारी से शासन परिवर्तन की अनुमति कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं देता।
उन्होंने ईरान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की, साथ ही जम्मू-कश्मीर के लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और ईरान में मौजूद छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। छात्रों से दूतावास की गाइडलाइंस का पालन करने की अपील भी की गई है।