स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सिर्फ बीजेपी के खिलाफ ही मोर्चा नहीं खोला है. मांगों को लेकर कांग्रेस, सपा और बसपा सरकार में भी मुखर रहे हैं.