ओड़िशा के पुरी जिले के नीमापाड़ा की सौदामिनी स्वैन ने इस कला की बदौलत ना सिर्फ उन्हें एक पहचान मिली, बल्कि उन्होंने ओड़िशा के नीमापाड़ा से इंग्लैंड तक का सफर तय किया.
चित्रकला में उनकी रुचि बचपन से ही थीं. वो घरों की दीवारों पर जानवरों, जंगलों और फूलों की तस्वीरें बनाती थीं. 1998 में दीवारों पर चित्र बनाना शुरू किया.. लेकिन कला में निखार तब आया.. जब उन्होंने मशहूर आर्टिस्ट और नेशनल अवॉर्ड विनर सोमनाथ नायक से ट्रेनिंग ली.
पहले उन्हें स्टेट अवॉर्ड मिला. फिर नेशनल पेंटिंग कॉम्पिटिशन जीता और इसके बाद सरकार ने उन्हें अपनी पेंटिंग्स दिखाने के लिए इंग्लैंड भेजा.
सौदामिनी की पहली पेंटिंग 650 रुपये में बिकी, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली. अब वो आसपास की युवतियों और महिलाओं को ट्रेंनिंग दे रही हैं. वो चाहती हैं कि सरकार एक परमानेंट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना करे ताकि लोगों को फायदा मिले.