सीएजी रिपोर्ट में एसटीपी प्लांट की गुणवत्ता और क्षमता पर सवाल उठाये गये हैं.देवप्रयाग से हरिद्वार तक गंगाजल की गुणवत्ता पर भी चिंता जताई है.