स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों का प्रवेश निःशुल्क रहा. सैलानियों का राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ.