असम में पहले भूपेन वोरा और अब प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने के बाद यह बहस चल पड़ी है कि प्रियंका गांधी के स्क्रीनिंग कमिटी के अध्यक्ष रहते ये कैसे हुआ। कांग्रेस पार्टी के सूत्र बताते हैं कि प्रियंका गांधी का काम उम्मीदवारों के चयन तक सीमित है और उन्होंने अपना काम बखूबी किया है। मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इस सब का ठीकरा प्रियंका गांधी पर ही फोड़ा जाएगा। चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कैसे कांग्रेस के सीनियर लीडर पार्टी छोड़ रहे हैं। बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस में अब कुछ बचा नहीं है