दरवाज़े पर लगातार खटखटाहट हो रही थी…
दिल जोर-जोर से धड़क रहा था… लेकिन मैंने हिम्मत करके दरवाज़ा खोल दिया।
दरवाज़े के बाहर एक आदमी खड़ा था…
लेकिन उसका चेहरा अंधेरे में साफ नहीं दिख रहा था।
उसने धीरे से कहा —
“तुमने दरवाज़ा क्यों खोला…?”
अचानक उसकी गर्दन अजीब तरह से मुड़ गई… और आंखें पूरी काली हो गईं… 😨
मैंने तुरंत दरवाज़ा बंद करना चाहा…
लेकिन वो दरवाज़े के अंदर आ चुका था…
अब वो मेरे बिल्कुल सामने खड़ा था…
और मुस्कुरा रहा था… 😰
क्या अब बचने का कोई रास्ता है…?