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कछुओं पर जलवायु परिवर्तन की मार !, अंडों में एक महीने से ज्यादा की देरी, पर्यावरणविद् चिंतित

2026-03-26 5 Dailymotion

जलवायु परिवर्तन की मार कछुओं पर पड़ी है. जिसकी वजह से ऑलिव रिडले कछुओं ने अब तक अंडे नहीं दिए हैं. ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के भितरकनिका नेशनल पार्क. जो देश का दूसरा सबसे बड़ा मैंग्रोव है.ये लगभग 672 वर्ग किलोमीटर  में फैला है. जो ब्राह्मणी, बैतरणी, देवी और धामरा नदियों के डेल्टा पर है. यहां नवंबर से ही कछुओं का आना शुरू हो जाता है. फरवरी में ये अंडे देना शुरू कर देते हैं. इनके अंडे देने की प्रक्रिया एक महीने बाद भी शुरू नहीं हो पाई है. इकोलॉजिस्ट इसको लेकर चिंतित हैं. अनुकूल वातावरण में एक ऑलिव रिडले कछुआ 100 से 150 अंडे देता है. जिनसे डेढ़ से दो महीने में बच्चे बाहर निकलते हैं. लेकिन इस बार इन कछुओं में कुछ ने बहुत कम अंडे ही दिए हैं. इन अंडों को जानवरों से खतरा है. वहीं कुछ शोधकर्ता कुछओं के अंडे देने में देरी को देरी नहीं मान रहे है.इनका कहना है कि कभी-कभी ये अप्रैल में अंडे देते हैं.