West Bengal Politics में बड़ा उलटफेर! Humayun Kabir और Asaduddin Owaisi के गठबंधन ने ममता बनर्जी की नींद उड़ाई, क्या 2026 में गिरेगा टीएमसी का किला? जानिए मुर्शिदाबाद से उठी इस बगावत की पूरी कहानी।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा तूफान आ गया है। टीएमसी के कद्दावर नेता और ममता बनर्जी के पूर्व करीबी हुमायूं कबीर ने पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई "आम जनता उन्नयन पार्टी" बना ली है। इतना ही नहीं, उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ हाथ मिला लिया है, जो सीधे तौर पर टीएमसी के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी है।
मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में, जहाँ कभी ममता बनर्जी का एकछत्र राज था, अब समीकरण बदलते दिख रहे हैं। हुमायूं कबीर ने ममता सरकार पर "हिंदू तुष्टिकरण" का आरोप लगाकर सबको चौंका दिया है। उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना को टक्कर देते हुए महिलाओं को 3500 रुपये देने का बड़ा चुनावी वादा किया है। 1 अप्रैल को बहरामपुर में होने वाली ओवैसी और कबीर की विशाल रैली पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इस वीडियो में हम विश्लेषण करेंगे कि क्या मुस्लिम वोटों का यह बंटवारा सीधे तौर पर बीजेपी और शुभेंदु अधिकारी को फायदा पहुंचाएगा? क्या बंगाल में अब मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है? राजनीति के इस नए अध्याय का बंगाल की सत्ता पर क्या असर होगा, विस्तार से समझिये।#WestBengalPolitics #MamataBanerjee #AsaduddinOwaisi #HumayunKabir #OneindiaHindi
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