नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने डुप्लीकेट वोटिंग रोकने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और राज्यों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विधानसभा चुनावों में इसे लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन भविष्य के चुनावों के लिए इस पर विचार जरूरी है. याचिका में दावा किया गया है कि फर्जी वोटिंग, रिश्वत और डुप्लीकेट मतदान अब भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं. बायोमेट्रिक सिस्टम से “एक व्यक्ति, एक वोट” सिद्धांत को मजबूत करने की बात कही गई है.