उत्तराखंड में मां गंगा के गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम में यमुना जी के कपाट छह माह के लिए खुल रहे हैं. आज दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर कपाट खोले गए. अब श्रद्धालु छह माह यमुनोत्री धाम में दर्शन कर पाएंगे. इससे पहले सुबह-सुबह ढोल दमाऊ के साथ मां यमुना जी की विग्रह डोली खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई. उनके भाई शनि महाराज हर वर्ष की तरह अपनी बहन को छोड़ने यमुनोत्री धाम पहुंचे.
शीतकाल के दौरान मां यमुना की भोग मूर्ति खरशाली गद्दी स्थल में विराजमान रहती है.. जहां पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और दर्शन होते हैं. लेकिन गर्मी शुरू होते ही अब मां यमुना की पूजा-अर्चना यमुनोत्री धाम में संपन्न होगी. यहां विधि-विधान के साथ मां यमुना जी के यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां यमुना यमुनोत्री धाम में भैया दूज तक विराजमान रहती हैं. जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और दर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. आने वाले दिनों में यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है.
गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद 22 अप्रैल को रुद्रप्रयाग में केदारनाथ और 23 अप्रैल को चमोली में बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे. पहली बार गैर-सनातनियों के आने पर पाबंदी लगाई गई है.