3 किलोमीटर के दायरे में कोई दूसरा विकल्प नहीं, टपकती छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर इलाके के दलित बच्चे. समस्तीपुर से सुमन कुमार की रिपोर्ट.