प्रधानमंत्री ने संदेश दिया, यदि वैज्ञानिक तरीके, स्थानीय सहयोग और प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो विलुप्तप्राय: प्रजातियों को भी बचा सकते हैं.