डीएमके तमिलनाडु की सत्ता से बेदखल हो गई है, लेकिन उसके नेताओं का सनातन धर्म के प्रति नफरत खत्म नहीं हो रही है. तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभालते ही उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर 'सनातन धर्म' पर बड़ा हमला बोला है. नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने पहले भाषण में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन विचारधारा को समाज को बांटने वाला बताया और इसे जड़ से खत्म करने की बात दोहराई.
बीजेपी ने उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान की कड़ी निंदा की है. पार्टी ने डीएमके पर वोट बैंक के लिए सनातन के प्रति नफरत फैलाने का आरोप लगाया है.
2023 में भी उदयनिधि स्टालिन ने कुछ ऐसी ही बातें कहीं थी, जिस पर भारी विवाद भारी विवाद खड़ा हो गया था. तब उदयनिधिन स्टालिन ने सनातन को डेंगू और मलेरिया से तुलना की थी और अब उन्होंने सनातन तो बांटने वाला बता दिया. जिस वक्त उदयनिधि स्टालिन ने सनातन पर ये बयान दिया, उस वक्त सीएम विजय भी वहाँ मौजूद थे.