पश्चिम एशिया में जारी संकट और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पेट्रोल और डीजल बचाने पर गंभीर हो गया है. कोर्ट ने सोमवार और शुक्रवार को वर्चुअल तरीके से मामलों की सुनवाई करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही, कोर्ट के जजों ने ईंधन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए आपस में कार-पूलिंग अरेंजमेंट को बढ़ावा देने का भी एकमत से फैसला लिया.
सुप्रीमकोर्ट की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि अलग-अलग दिनों में सूचीबद्ध मामले और कोर्ट के कुछ वर्किंग डेज के दौरान लिस्टेड मामले सिर्फ़ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग से सुने जाएंगे.
सर्कुलर में ये भी कहा गया है कि अगले आदेश तक, रजिस्ट्री की हर ब्रांच, सेक्शन में 50 फीसदी तक स्टाफ को हफ्ते में दो दिन तक घर से काम करने की इजाजत है, बशर्ते बाकी स्टाफ बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए ऑफिस में मौजूद रहें.
सुप्रीमकोर्ट के ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने खर्च में कटौती करने और तेल बचाने की अपील की थी.