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कमाल मौला मस्जिद मामले में बढ़ा विवाद, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने उठाए संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों के सवाल

2026-05-16 4 Dailymotion

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कमाल मौला मस्जिद मामले में आए फैसले पर अब जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. जमाअत के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम खान ने इस फैसले को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और संतुलित दिखाई देनी चाहिए. संगठन ने इसे धार्मिक अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और देश के सामाजिक सौहार्द से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है. कमाल मौला मस्जिद को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में बहस तेज हो गई है. इसी बीच जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम खान ने बयान जारी करते हुए फैसले पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक धार्मिक स्थल का नहीं बल्कि संविधान में दिए गए धार्मिक अधिकारों और देश की धर्मनिरपेक्ष भावना से भी जुड़ा हुआ है. जमाअत का कहना है कि वर्षों से भोजशाला परिसर में ऐसी व्यवस्था चली आ रही थी, जिसमें दोनों समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करते थे।ऐसे में किसी एक समुदाय के स्थापित इबादत अधिकारों को खत्म करना सामाजिक संतुलन और आपसी भरोसे को प्रभावित कर सकता है.