हिमाचल प्रदेश सहित देशभर में दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के अनियंत्रित संचालन और कारपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट पर दी जा रही दवाओं के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल किया. इस हड़ताल का असर, राजधानी शिमला, कुल्लू, बिलासपुर और हमीरपुर सहित पूरे प्रदेश में देखने को मिला. मेडिकल स्टोर बंद होने की वजह से दिनभर मरीज और तीमारदार परेशान रहे. वहीं, जीवनरक्षक दवा नहीं मिलने से कई पेशेंट को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री और होम डिलीवरी से मरीजों के जान को खतरा है. क्योंकि फार्मेसी एप पर बिना सत्यापित डॉक्टरों की पर्ची पर दवाओं की डिलीवरी कर दी जाती है. जिसे दवा विक्रेताओं और छोटे केमिस्टों का भारी नुकसान उठाना पड़ता है.