भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों सारिपुत्त और महामोग्गलाना के पवित्र अवशेष भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से मंगोलिया भेजे गए हैं। नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित इन अवशेषों को उलानबतोर स्थित गंडन तेगचेनलिंग मठ में 10 दिनों तक सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। यह प्रदर्शनी मंगोलियाई और तिब्बती पंचांग के अनुसार मनाए जाने वाले पवित्र वैशाख पर्व के दौरान आयोजित हो रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के अनुसार हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले थाईलैंड में आयोजित प्रदर्शनी में करीब 55 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। यह आयोजन भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक एवं बौद्ध आध्यात्मिक संबंधों को भी मजबूत करेगा।