नई दिल्ली: आज वर्ल्ड मिल्क डे है। पोषण के स्रोत के रूप में दूध के महत्व को पहचानने और आजीविका व फूड सिक्योरिटी में डेयरी सेक्टर के योगदान को याद करने के मकसद से हर साल 1 जून को पूरी दुनिया में विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और 1998 से लगातर शीर्ष पर बना हुआ है। भारत में हर साल लगभग 247 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता है और ग्लोबल मिल्क प्रोडक्शन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में दूध उत्पादन में पिछले एक दशक में लगभग 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 5.5 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। गुजरात की बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी के मुताबिक भारत ने यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डेयरी और पशुपालन सेक्टर के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की वजह से हासिल की है। पशुपालकों का कहना है कि सरकार की ओर से पशुओं को खरीदने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, साथ ही किसानों की तरह ही उन्हेंम भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जा रही है। इससे वित्तीय संकट दूर हुआ है और उनकी इनकम में भी इजाफा हो रहा है।