जैसलमेर. हर साल की तरह इस बार भी मानसून आने से पहले नालों की सफाई का अभियान चर्चा में है। मशीनें चल रही हैं, निगरानी की बातें हो रही हैं और शहर को जल-भराव मुक्त बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात की पड़ताल एक अलग तस्वीर सामने ला रही है। कई प्रमुख नाले अब भी गाद, प्लास्टिक और कचरे से भरे पड़े हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या जैसलमेर इस बार बारिश के पानी को संभाल पाएगा या फिर पहली तेज बरसात के साथ पुराने जख्म फिर हरे हो जाएंगे ?