क्या कोई बेटा ₹93,500 प्रतिमाह कमाने के बाद भी अपनी बुजुर्ग मां को भरण-पोषण (Maintenance) देने से मना कर सकता है? Supreme Court में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां TCS में काम करने वाले एक शख्स के खिलाफ उसकी अपनी मां को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि Justice Sanjay Karol की पीठ (Bench) के सामने जब यह मामला आया, तो कोर्ट ने क्या सख्त टिप्पणी की। जज साहब का कहना था— “What have we come to?” (आखिर हम कहाँ आ गए हैं?)। इस पूरे कानूनी और सामाजिक मुद्दे पर हमने Supreme Court के सीनियर एडवोकेट विशाल सिंह चंदेल (Vishal Singh Chandel) से खास बातचीत की है। उन्होंने समझाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 (पहले की CrPC 125) और Senior Citizens Act 2007 के तहत ऐसी औलाद को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
TCS कर्मी बेटे और बुजुर्ग मां का पूरा मामला क्या है?
Justice Sanjay Karol की टिप्पणी "What have we come to?" के क्या मायने हैं?
सीनियर एडवोकेट विशाल सिंह चंदेल का कानूनी विश्लेषण (Legal Analysis)।
क्या माता-पिता का खर्च न उठाने पर सच में जेल हो सकती है?
नए कानून BNSS की धारा 144 और Maintenance Act 2007 की पूरी जानकारी।
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