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विश्व पर्यावरण दिवस: कुल्हड़ की चाय बन रही लोगों की पसंद, सेहत के साथ-साथ धरती का भी ख्याल

2026-06-05 1 Dailymotion

भुवनेश्वर-कोणार्क और पुरी के गोल्डन ट्राएंगल टूरिज्म क्षेत्र में कुल्हड़ वाली चाय की काफी डिमांड है. लिहाजा इलाके में यहां कुल्हड़ वाली चाय की सैकड़ों दुकान खुल चुके हैं. जो कोई एक बार कुल्हड़ में चाय पी लेता है. वो प्लास्टिक या पेपर कप की चाय छोड़कर बार-बार कुल्हड़ की ही चाय पीना चाहता है.  

कुल्हड़ पर्यावरण को बचाने में अहम भूमिका निभा रहा है. कुल्हड़ इको-फ्रेंडली होती है. इस्तेमाल के बाद जब लोग इसे फेंक देते हैं तो ये मिट्टी में घुल मिल जाती है. एक वक्त था जब लोग पेपर या प्लास्टिक कप में चाय पीना पसंद करते थे, लेकिन नए जमाने में स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है और लोग पुरानी परंपरा अपनाने लगे हैं. कोविड के बाद कुल्हड़ वाली चाय की डिमांड बढ़ गई.  

दूसरी तरफ यह कुल्हड़ बनाने वाले लोगों की आमदनी का जरिया भी है. कुल्हड़ के प्रति लोगों की बढ़ती चाहत से कुम्हार समुदाय का व्यवसाय बढ़ रहा है और लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं. जानकार भी कुल्हड़ वाली चाय को स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित मानते हैं.