राजस्थान के Jaisalmer Fort में स्थित ऐतिहासिक ‘हवा प्रोल’ आज भी प्राचीन भारतीय वास्तुकला की अद्भुत मिसाल बना हुआ है. करीब 377 साल पुराना यह प्रवेश द्वार भीषण गर्मी में भी बिना एसी के प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बनावट, क्रॉस वेंटिलेशन, चूने की परत और बलुआ पत्थर की संरचना हवा के प्रवाह को तेज कर तापमान कम करती है. बाहर तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर भी अंदर का तापमान अपेक्षाकृत काफी कम रहता है. स्थानीय लोग इसे सदियों पुरानी वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक का शानदार उदाहरण मानते हैं, जो आज के आधुनिक कूलिंग सिस्टम को भी चुनौती देता है.