बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सतर्क थे. विदेशी फंड की लगातार निकासी, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और अमेरिका में महंगाई बढ़ने का भी बाजार पर असर पड़ा. 30 शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 150 अंक गिरकर 73 हजार 832 पर, जबकि 50 शेयर वाला एनएसई निफ्टी 53 अंक गिरकर लगभग 23 हजार 161 पर बंद हुआ. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंफोसिस, एचसीएल टेक, अडानी पोर्ट्स, एटरनल लिमिटेड और बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा नुकसान में, जबकि आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और भारती एयरटेल सबसे ज्यादा लाफ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे.
प्राइवेट सेक्टर के बैंक और हेल्थकेयर स्टॉक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि आईटी, पब्लिक सेक्टर बैंक, कैपिटल गुड्स, पावर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एफएमसीजी सेक्टर में गिरावट आई. एशियाई बाजारों में हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट के साथ, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए. गुरुवार को यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को काफी गिरावट के साथ बंद हुए. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को लगभग 2 हजार 125 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
Conclusion: