प्रीति जिंटा ने बीते दिनों बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एक्ट्रेस ने याचिका दायर कर कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने AI से बने डीपफेक, मीम्स, बदली हुई तस्वीरें और चैटबॉट पर्सोना बनाए और फैलाए, जिनमें उनकी शक्ल और पहचान का इस्तेमाल हुआ। इससे उनकी इज्जत और साख को काफी नुकसान पहुंचा। प्रीति ने अपनी याचिका में कहा कि कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत उनके नैतिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। वहीं, अब इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। साथ ही प्रीति जिंटा को इजाजत दे दी है कि वो उन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ केस कर सकें जिन्होंने AI से बना कंटेंट इस्तेमाल किया है।