देश का किसान इस समय दोहरी मार झेल रहा है. एक तरफ भीषण गर्मी और बढ़ता तापमान किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ खेतों में फसल बचाने के लिए पानी की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. हालात ऐसे हैं कि कई किसान अपनी फसल को बचाने के लिए बूंद-बूंद पानी का इंतजाम करने को मजबूर हैं. मानसून की देरी से किसान चिंतित हैं. उत्पादन पर भी असर का डर बना हुआ है. उत्तर भारत के कई इलाकों में किसान सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे हैं. ट्यूबवेल से सिंचाई करना किसानों की जेब पर भारी पड़ रहा है. डीजल और बिजली के बढ़ते खर्च ने खेती की लागत बढ़ा दी है. राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का असर खेतों पर साफ दिखाई दे रहा है. हर किसान को मानसून का इंतजार है... सुनिए एक किसान के मन की बात.