बिहार सरकार द्वारा करोड़ों खर्च करने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं के हालात बदतर हैं. कई उप स्वास्थ्य केंद्र मरीजों के जाने लायक नहीं बचे हैं.