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प्रयागराज में 'मूंज शिल्प' महिलाओं के लिए आजीविका का नया जरिया, आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अनूठा कदम

2026-06-20 8 Dailymotion

पूरी लगन और मेहनत से 'मूंज' घास से टोकरी बनाती ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की जीती-जागती मिसाल हैं. कभी घर की चार दीवारी में चौके-चूल्हे तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के तहत प्रयागराज के पारंपरिक 'मूंज शिल्प' को दुनिया भर में पहचान दिला रही हैं. राज्य सरकार की इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की मदद से ग्रामीण महिलाओं को 'मूंज' घास की कारीगरी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इन महिलाओं ने 'मूंज' घास से टोकरी, फ्रूट बास्केट, पेन स्टैंड, कोस्टर जैसी कई आकर्षक चीजें बनाकर अपने हुनर को तराशा है.

महिलाओं को एक साथ लाने में स्वयं-सहायता समूह अहम भूमिका निभाते हैं. कारीगरों को फंड और कच्चा माल मुहैया कराया जाता है. प्रयागराज में स्वयं सहायता ग्रुप की सदस्य बताती हैं कि इससे उन्हें साल भर 'मूंज' के उत्पाद बनाने और बेचने में मदद मिलती है.